Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

Responsive Advertisement

Rich man habits: यदि आपमें भी हैं ,ये 10 आदते तो आप कभी भी अमीर नहीं बन सकते

 जैसा की आप सभी जानते है कि इस दुनिया में हर एक व्यक्ति अपने जीवन में अमीर और सफल होना चाहता है और खुशहाल जीवन जीना चाहता है इसलिए इस दुनिया का हर एक व्यक्ति अपने जीवन को खुशहाल और  खुद को अमीर बनाने के लिए दिन -रात मेहनत कर हरा है लेकिन फिर भी कुछ ही लोग अमीर क्यों बन पाते है क्या?  वो लोग किसी अलग जगह से आये हैं इसलिए वो लोग ही सफल होंगे और उनके बच्चे!    क्या हम सफल और अमीर नही बनेंगे? , नही ऐसा नही है!       बात केवल; इतनी है की वो हम सभी से थोडा कुछ अलग करते है सबसे पहले तो वो लोग शारीरिक मेहनत कम करते है और दिमागी मेहनत ज्यादा करते है दूसरा उन सभी लोगो की आदते और सोच  हम सभी से अलग होती है और यदि उन लोगो में कुछ ऐसी आदते होती है जिससे उनके सफलता के रस्ते में रुकबट आती है तो वो उन सभी आदतों को बदल कर अच्छी आदते बना लेते है , आज के इस ब्लॉग में हम ऐसी ही 10 आदतों के बारे में बात करेंगे जिसकी वजह से हम सफल और अमीर नही पा रहे है   जिन आदतों की बजह से हम इतनी मेहनत  करने के बाद भी वही है जहाँ हम पहले थे इस ब्लॉग को ध्यान से पढ़े और अपने जीवन में सफलता के लिए इन आदतों को आज से ही बदले |



  1️⃣ सुबह जल्दी न उठना: सुबह जल्दी न उठना एक नकारात्मक आदत है जो हमारे समय का नुकसान करती है और हमारे दिन की शुरुआत में उत्तेजना और उत्साह को कम करती है। जल्दी न उठने से हमारा सुबह शांत माहोल का समय ऐसे ही खरब चला जाता है जिससे हमारी प्रोडक्टिविटी और जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा , सुबह जल्दी उठने से हमारा दिन सकारात्मकता, उत्साह और स्वस्थ जीवनशैली के साथ शुरू होता है, जो हमें सफलता की ओर बढ़ने में मदत करता है।

2️⃣  खुद पर Invest (खर्च) न  करना : खुद पर Invest न करना एक ख़राब आदत है जो हमें अपने व्यक्तित्व और स्वास्थ्य के लिए अच्छा समय और प्रयास नहीं करने देती है। जब हम खुद पर निवेश (खर्च) नहीं करते हैं, तो हम अपनी कला ,योग्यता, और स्वास्थ्य का सम्मान नहीं करते हैं। यह हमें अपने लक्ष्यों और अच्छे  पोटेंशियल को प्राप्त करने में बाधा डाल सकती है। इसलिए, खुद पर निवेश (खर्च) करना  हमें सफलता और अमेवेर बनने की राह पर ले जाता है।

3️⃣ सही समय का इंतजार करते रहना :  सही समय का इंतजार करते रहना एक नकारात्मक आदत है जिस कारण से मौके हमारे हाथ से रेत की तरह से निकल जाते है। अक्सर हम अपनी सफलता या अच्छे समय ओर  परिणामों का इंतजार करते रहते हैं लेकिन उनका अच्छा समय नहीं आता। इससे हमें निराशा और नकारात्मकता का सामना करना पड़ता है और हम अपने लक्ष्यों की दिशा में नहीं बढ़ पाते हैं । इससे मौको का नुकसान होता है और हमारी सफलता पर असर पड़ता है। 

इसलिए, हमें सही समय का इंतजार करने के बजाय, सकारात्मक कदम उठाने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। मौको के साथ  निकलना हमें सफलता की दिशा में आगे बढ़ा सकता है और हमें उसके लाभों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है। मौको का सही समय पर उपयोग करने से हम अपने लक्ष्यों को हासिल करने में सफल हो सकते हैं और सफलता की ऊंचाइयों को छू सकते हैं।

4️⃣  खुद पर शक करते रहना: खुद पर शक करते रहना एक नकारात्मक आदत है जो हमें अपनी क्षमताओं पर विश्वास नहीं करने देती है। जब हम अपने आप पर शक करते हैं, तो हम अपनी जीवन में सफलता के लिए जरूरी समय पर काम करने से पीछे हटते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि हम अपने सपनों और लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाते हैं। इस आदत को नियंत्रित करने के लिए हमें अपने आत्म-संविश्वास को बढ़ाने की जरुरत होती है। हमें अपनी योग्यताओं, क्षमताओं, और उत्कृष्टताओं का सम्मान करना चाहिए और खुद पर विश्वास करना चाहिए कि हम किसी भी मामले में सफल हो सकते हैं। खुद पर विश्वास करने से हम नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होते हैं और अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ते रहते हैं।
    5️⃣ बोलना और काम नहीं करना: एक आदत यह भी है कि हम बोलते रहे और काम न करे , जिसकी बजह से हम कार्यो के लियें बोलते तो है लेकिन काम करते नहीं है यह आदत हमे कामचोर बना देती है जब हम केवल बोलते है ओर काम नहिओ करते तो इससे हमारे पहले से हो रहे काम में नुकशान होना शुरू हो सकता है और हमारे सकरात्मक बने रहने की उम्मीद कम हो जाती है |
इस आदत को दूर करने के लिए, हमें कार्यों को केवल बोलने के बजायकरना भी चाहिए हमने जो भी कामो के बारे बोला है उन सभी को करने के लिए हमेशा संवेदनशील बने रहना चाहिए यह हमे संघर्ष करने और आगे बढ़ने में मद्दत करता है

6️⃣ स्वार्थी बनना: स्वार्थी बनना" एक नकारात्मक ( गलत ) आदत है जिसकी बजह से हम समाज में सहयोग और साझेदारी के बजाय केवल अपने ही लाभ की चिंता करते है। जब हम स्वार्थी बनते हैं, तो हम अपने आसपास के लोगों के साथ साथ अपने खुद के भी लिए नुकसान पहुंचाते हैं।
स्वार्थी बनने की आदत को दूर करने के लिए, हमें अपनी सोच में समाज की हितैषी भावना को अपनाना चाहिए। हमें दूसरों की सहायता करने, उनके साथ बाँटने और साझेदारी करने की भावना बढ़ानी चाहिए। इससे हमारा समाज में सम्मान और सहायता का मूल्य बढ़ता है और हमें संघर्ष में सामाजिक और आर्थिक रूप से सफल बनने में मदद मिलती है। इससे हम अपने आत्म-समर्थन को भी मजबूत करते हैं और अधिक सकारात्मक और संतुष्ट जीवन जीते हैं।

7️⃣ , संघर्ष से डरना: संघर्ष से डरना एक नकारात्मक आदत है जिसकी वजह से हम कठिनाइयों से बचते रहते है। जब हम संघर्ष से डरते हैं, तो हम नई चुनौतियों और मुश्किलों का सामना नहीं करते हैं, जो हमारे विकास और सफलता की राह मे रुकाबट हैं।
संघर्ष से डरने के बजाय, हमें उन चुनौतियों का सामना करना चाहिए और उन्हें पार करने के लिए तैयार रहना चाहिए। संघर्ष हमारे विकास का एक जरुरी हिस्सा है और उसके माध्यम से हम नई सफलता की ओर बढ़ सकते हैं। जब हम संघर्ष को स्वीकार करते हैं, तो हम अपनी क्षमताओं को विकसित करने का मौका प्राप्त करते हैं और अपने लक्ष्यों को हासिल करने में सक्षम होते हैं। इसलिए, हमें संघर्ष को स्वीकार करना और उसे अपनी प्रोग्रेस का एक जरुरी हिस्सा मानना चाहिए। संघर्ष के माध्यम से हम अपने आत्म-सामर्थ्य को बढ़ाते हैं और अपने लक्ष्यों की दिशा में सफलता प्राप्त करते हैं।

8️⃣ जैसा चल रहा है वैसा ही चलते रहने देना: जैसा चल रहा है वैसा ही चलते रहने देना एक नकारात्मक आदत है जिसकी वजह से हम अपने जीवन में बदलाब के बारे में नहीं सोचते है। जब हम इस आदत को अपनाते हैं, तो हम नए और संवैधानिक रास्तोंके बारे में नहीं सोचते हैं और अपने व्यक्तिगत या पेशेवर जीवन में सुधारने का मौका नहीं देते हैं। इस आदत को दूर करने के लिए, हमें सकारात्मक बदलाव की जरुरत है हमें नई विचारशीलता, नई विचारधारा, और नई कौशल को सिखने के लिए तैयार रहना चाहिए। बदलाव क्ले लिए हमे अपनी शिक्षा, कैरियर, और व्यक्तिगत जीवन में नए मार्गों को ध्यान में रखना चाहिए। बदलाव हमे सफलता की नई दिशा और नई संभावनाओं की ओर ले जाता है, जो हमें अपने लक्ष्यों की दिशा में सफलता की ओर आगे बढ़ने में मद्दत करता है।

9️⃣ अपने लक्ष्यों को स्पष्ट न करना: यह एक नकारात्मक आदत है जो हमें अपने जीवन की दिशा में स्पष्टता और उद्देश्यों की कमी महसूस कराती है। जब हम अपने लक्ष्यों को स्पष्ट नहीं करते हैं, तो हम अपने सपनों कि ओर नहीं बढ़ते है
इस आदत को दूर करने के लिए, हमें अपने लक्ष्यों को स्पष्ट और व्यवस्थित तरीके से निर्धारित ( सैट ) करना चाहिए। हमें यह समझना चाहिए कि हम चाहते क्या हैं, और उसके लिए हमें कैसे पहुंचना है। यह हमें अपने काम को अच्छी तरह से करने में मदद करता है। लक्ष्यों को स्पष्ट करने से हम अपनी प्राथमिकताओं को समझते हैं और अपने सपनों को हासिल करने के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। यह हमें संगठित, उत्साही और सफलता की दिशा में आगे बढ़ने में मदत करता है। इसलिए, हमें अपने लक्ष्यों को स्पष्ट करने के लिए समय और प्रयास करना चाहिए।

🔟 गलत संगत में रहना: यह भी एक नकारात्मक आदत है जो हमें अपने विकास और सफलता की राह में बाधा डालती है। जब हम गलत संगत में रहते हैं, तो हम नकारात्मक विचारों और आदतों को अपनाते हैं, जो हमें अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में आगे नहीं बढ़ने देते। इस आदत को दूर करने के लिए, हमें सकारात्मक और सही संगत का चयन करना चाहिए। और हमें उन लोगों के साथ समय बिताना चाहिए जो हमारे लक्ष्यों को समर्थन और प्रेरणा देते करते हैं। सही संगत हमें संघर्ष की दिशा में सहायता करती है और हमें अपने लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करती है। गलत संगत में रहने से बचने के लिए, हमें खुद को पर्याप्त समय देना चाहिए और अच्छी पुस्तके , ऐसे ब्लॉग पोस्ट को पढना चाहिए , ताकि हम सही लोगों को चुन सकें और सही दिशा मेंआगे बढ़ सकें। हमें अपने उद्देश्यों के साथ सम्बंधित और सकारात्मक वातावरण में रहने का प्रयास करना चाहिए, जो हमें सफलता की ओर आगे बढ़ने में मदद करेगा।


🟢निष्कर्ष :

यदि आपमे यह सभी आदतें हैं, तो आपको सकारात्मक और सफल जीवन की दिशा में आगे बढ़ने में कठिनाई हो सकती है। ये आदतें आपको अपने प्राकृतिक पोटेंशियल से दूर ले जाती हैं और आपके लक्ष्यों तक पहुँचने की राह में बाधा डालती हैं। इसके निष्कर्ष में, आप आत्म-संविश्वास, उत्साह, और सकारात्मक सोच के माध्यम से अपने आदतों में बदलाब करके अपने जीवन को संघर्षमुक्त बना सकते हैं।

ऐसे ही पोस्ट को पढने और अपने जीवन में अच्छी बातो को सिखने के लिए इस Bada Vichar ब्लॉग को अभी फ़ॉलो 🔔ओर कमेंट करे |

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ