Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

Responsive Advertisement

अपने दुखो का कारण खुद ना बने - गौतोम बुद्ध


गौतम बुद्ध की प्रेरक कहानी: कई बार मैंने ऐसा देखा और महसूस किया है कि जब कभी भी  हमारे जीवन में कोई समस्या या दुःख की घडी आती है तो हम उन सभी परेशानियों का कारण किसी दुसरे को मानने लगते हैं !   लेकिन कई बार ऐसा होता नहीं है , बल्कि उन सभी परेशानियों का कारण हम खुद ही होते हैं और इस बात से हमें अपने आपको बचाना चाहिए , कि  हम अपने दुखो का कारण न बने , क्योंकि ऐसा करने से हम खुद को बहुत ज्यादा परेशानियों में डाल लेते हैं और कई बार डिप्रेशन में भी चले जाते हैं ऐसी ही एक कहानी गौतोम बुद्ध की भी है जो हमे सिखाती है कि हम अपने दुख् का कारण नहीं बनायें |


अपने  दुखो का कारण खुद ना बने - गौतोम बुद्ध

एक बार गौतोम बुद्ध किसी नगर में घूम रहे थे . तभी बुद्ध का ध्यान कुछ लोगो की और गया जो बुद्ध को बुरा भला कह रहे हैं ऐसा क्यों हुआ वो इसलिए क्योंकि वहां रहने वाले कुछ व्यक्तियों ने आम व्यक्तियों के बीच ये बात फैला दी कि बुद्ध ढोंगी व्यक्ति हैं और ये उनके धर्म को ख़राब कर रहे हैं इस वजह से उस नगर में रहने वाले लोग बुद्ध को पसंद नहीं करते थे और बुरा भला कहने लगे थे , 

गौतोम बुद्ध ने जब नगर में रहने वाले व्यतियो की बात को सुना तो वह एक जगह पर शांति के साथ खड़े होकर उनकी बातो को आराम से सुनने लगे , और गौतोम बुद्ध ने किसी से भी कुछ भी नहीं कहा वह चुप चाप उन सभी की बातों को  सुनते रहे . जब नगरवासी बुद्ध को बुरा भला कहते कहते थक गए और चुप हो गए तब गौतोम बुद्ध ने नगरवासियों से कहा , मुझे माफ़ करना ! लेकिन यदि आप लोगो की बातें ख़त्म  हो गयी हो तो मैं यहाँ पर सो जाऊ , जो लोग अभी तक बुद्ध को बुरा भला कह रहे थे वो बुद्ध की बातों को सुनकर आश्चर्यचकित हुए. तभी वहा खड़े सभी व्यक्तियों में से एक व्यक्ति वोला हम लोग यहाँ तुम्हारा गुणगान नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम लोग तुमको ताने दे रहे हैं और बुरा भला कह रहे हैं क्या? तुम पर इस सब बातों का कोई असर नहीं हो रहा है |

गौतोम बुद्ध ने उस व्यक्ति की बात को ध्यान से सुना और कहा ,. आप सभी मिलकर मुझको कितनी भी गलियां दे या मुझको बुरा भला कहे , मैं इन्हें खुद पर कभी भी लागु नहीं करूँगा क्योंकि मैं जानता हूँ कि मैं कुछ भी गलत नहीं कर रहा हूँ इसलिए मैं इन बातो को अपने आप पर लागू नहीं करूँगा और जब लागु ही नहीं करूँगा तो इन सभी का मुझ पर कोई असर भी नहीं होगा |


कहानी से प्रेरणा मिलती है :-

गौतोम बुद्ध कि इस कहानी से हमे ये शिक्षा मिलती है कि हमे जब ये पता हो की हमने कुछ भी गलत नहीं किया है तो हमको किसी की भी कही गयी  गलत बात को अपने आप पर लागु नहीं करना चाहिए , क्योंकि ऐसा करने से हम खुदको खुद ही परेशां करते हैं और दुःख दते हैं और अपने दुखो का कारण खुद ही बन जाते हैं | 



यदि आपको ये कहानी अच्छी लगी और सिखने को मिला हो , तो क्रप्या इस कहानी को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ,कमेन्ट करे और ऐसी ही प्रेरणादायक कहनियो के लियें badavchar को फ़ॉलो करें | 







एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ